February 2, 2026

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उदयपुर हत्याकाण्ड को लेकर कोटपूतली में आक्रोश बरकरार एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

खबराना बिल्लूरामसैनी

कोटपूतली विगत दिनों प्रदेश के उदयपुर में हिन्दू व्यापारी कन्हैया लाल टेलर की बर्बरतापूर्वक की गई नृशंस व निर्मम हत्या के घटनाक्रम को लेकर कोटपूतली में आमजन के बीच निरन्तर आक्रोश व्याप्त है। कस्बे में घटनाक्रम के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद्, बजरंग दल, आरएसएस, भाजपा व संत समाज समेत विभिन्न संगठनों द्वारा निरन्तर कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर राज्यपाल व राष्ट्रपति को निरन्तर ज्ञापन प्रेषित किये जा रहे है। इसी क्रम में सोमवार को कस्बे के व्यापारियों का भी आक्रोश देखने को मिला।

नगर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष मैथली शरण बंसल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में व्यापारियों ने उपखण्ड कार्यालय तक पैदल मार्च कर घटनाक्रम के विरोध में जमकर नारेबाजी की। वहीं एसडीएम ऋषभ मण्डल को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्यवाही की मांग भी की। ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष मैथली शरण बंसल समेत रमेश किताब वाला, सुरेश मोठुका, नवल खण्डेलवाल, कृष्ण चन्द्र बंसल, नृसिंहदास अग्रवाल, धर्मपाल सोनी, हरिराम सैनी, संजय बंसल, नवीन खजांची, उमेश गुप्ता, मनोज अग्रवाल, प्रहलाद चंद, अजय बंसल, गुरूप्रसाद अग्रवाल, प्रमोद बंसल, अभिषेक अग्रवाल, होशियार कसाना, अनिल बंसल, अनूप बंसल, पार्षद प्रतिनिधि मुखिया पायला, प्रवीण बंसल, हिमांशु मिश्रा, कुलदीप बंसल, अरविन्द शरण बंसल आदि व्यापारियों ने अवगत करवाया कि व्यापारी कन्हैया लाल टेलर की जघन्य हत्याकाण्ड के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जायें। ताकि राजस्थान में सुशासन व अपराधियों में भय व्याप्त हो।

हत्यारों द्वारा जिस प्रकार से वीभत्स घटनाक्रम में एक निहत्थे हिन्दू टेलर की हत्या कर विडियो वायरल करते हुए प्रधानमंत्री को धमकी देना देश की एकता व अखण्डता के लिए बड़ा खतरा व प्रत्येक भारतवासी को दी गई खुली चेतावनी असहनीय है। घटनाक्रम में लापरवाही बरतने वाले समस्त पुलिस प्रशासन के दोषी अधिकारियों को बर्खास्त कर निष्पक्ष जाँच की जायें। स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा समयपूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कन्हैयालाल को सुरक्षा दी जाती तो ऐसी अमानवीय घटना सामने नहीं आती। व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों ने घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए प्रदेश की सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस्तीफे की मांग भी की। व्यापारियों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन भी चाक-चौबन्द नजर आया। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा।