March 18, 2026

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अलविदा ! स्वर कोकिला…. भारत रत्न से सम्मानित महान गायिका लता मंगेशकर का सफर…

अलविदा ! स्वर कोकिला…. भारत रत्न से सम्मानित महान गायिका लता मंगेशकर का सफर…

आज पूरे भारत देश के लिए यह बेहद ही दुख का समय है। हिन्दी सिनेमा में अपनी आवाज के जादू से देश एवं दुनिया में लोगों के दिलों पर राज करने वाली लता मंगेशकर ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अपनी आवाज से करोड़ो लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली स्वर कोकिला लता दीदी ने हालातों से मजबूर होकर गायकी में अपना करियर शुरू किया था।

लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर हुआ था। बचपन से ही लता जी गायकी के माहौल में पली-बड़ी थीं। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में अपने पिता जी से संगीत सीखना शुरू कर दिया था।

महान गायिका लता मंगेशकर ने अपने करियर में सिर्फ हिंदी में ही नहीं बल्कि 36 क्षेत्रीय फिल्मों में भी अपनी आवाज दी है और हिंदी सिनेमा जगत में उन्होंने हजार से भी ज्यादा हिंदी फिल्मों के गानों में अपनी आवाज से सभी का दिलों पर राज किया। लता जी ने कुल मिलाकर लगभग 30 हजार गाने गाए हैं।

पिता के निधन के बाद लता जी पर आ गया था परिवार का भार…
1942 में उनके पिता का निधन होने के बाद बड़ी संतान होने के नाते सारे परिवार का भार लता जी के कंधों पर आ गया। लता मंगेशकर के पिता के दोस्त मास्टर विनायक ने फिल्म बड़ी मां में किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया, जिसके बाद लता मंगेशकर मुंबई आ गईं और यहीं पर उन्होंने उस्ताद अमान अली खान से हिंदुस्तानी संगीत सीखा। इसके बाद लता जी ने अपने करियर में बहुत से म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम किया।

2001 में भारत रत्न से हुई सम्मानित…
मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने अपना करियर शुरू किया था और वसंत जोगलेकर की मराठी फिल्म किटी हसाल के लिए अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। साल 2001 में लता जी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।