February 3, 2026

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लालसोट में दबाव में स्त्री रोग विशेषज्ञ के आत्महत्या करने का मामला चिकित्सकों ने दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार कर जताया ने विरोध ,मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कोटपूतली (बिल्लूराम सैनी) कस्बे में गुरुवार को निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री के नाम तसीलदार सूर्यकांत शर्मा को लालसोट दौसा की गोल्ड मेडलिस्ट स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अर्चना शर्मा को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा ।

ज्ञापन में बताया कि मंगलवार को लालसोट दौसा की गोल्ड मेडलिस्ट स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अर्चना शर्मा ने मरीज के परिजन , नेताओं व प्रशासन की तानाशाही से तंग आकर आत्महत्या कर ली । आगे ज्ञापन में बताया कि डिलीवरी के बाद बच्चेदानी के न सुकड़ने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हो जाना व उसके कारण मरीज की मृत्य हो जाना एक ऐसी जटिलता है जो कोई डॉक्टर कभी नहीं चाहता है और मरीज को बचाना दुष्कर हो जाता है ।

हर डॉक्टर ऐसे जटिलता से विचलित हो जाता है । ऐसी जटिलता के लिए डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराना व तथाकथित समाज के ठेकेदारों के दबाव में डॉक्टर पर हत्या का केस दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना है । अगर इस तरह से डॉक्टर्स को प्रतादित किया जाएगा तो भविष्य में डॉक्टरसौंपा नार्मल डिलीवरी कराने से भी संकोच करने लगेंगे ।

वहीं सरकार से ऐसी स्थिति में समाधान करने की बात कही इसके साथ ही सरकार से मांग की है कि अर्चना शर्मा व डॉ सुनीता उपर धारा 302 लगाने वाले लाए तक पुलिस अधिकारी को बर्खास्त कर डॉ शर्मा को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कराने , असामाजिक तत्व स्थानीय नेता जो प्रसूता के परिजनों को उकसा कर मृत शरीर को चापस अस्पताल उनकी पहचान कर गिरफ्तारी करने , पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई असंवेदनशील एवं गैरकानूनी कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन के उच्च अधिकारियों को निलम्बित करने चिकित्सा कर्मियों के विरुद्ध दर्ज होने वाले मामलों में जेकब मैथ्यू केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निदेर्शों की पालना करने तथा नई एसओपी जारी करने एवं राजस्थान चिकित्स परिचय कानून 2008 की पालना करने की मांग की इस दौरान कोटपुतली के समस्त निजी अस्पताल के डॉक्टर मौजूद रहे ।