February 2, 2026

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भाजपा कुनबे मे कलह। पोस्टर पर नदारद वसुन्धरा राजे के फोटो को लेकर मची है रार। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के बयान से वसुन्धरा समर्थकों मे भारी रोष।

कोटपूतली (बिल्लुराम सैनी ) प्रदेश की राजधानी जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय के पोस्टरों व बैनरों से प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे का फोटो हटाये जाने का विवाद लगातार गहराता ही जा रहा है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों राजे की फोटो हटाये जाने से जहां बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं व राजे समर्थकों में रोष का माहौल है।

इसको लेकर वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच के पदाधिकारियों ने फोटो हटाये जाने की निन्दा करते हुए विरोध व्यक्त किया था। साथ ही राजे समर्थकों ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व गतिरोध एवं टकराव को बढ़ावा देने वाला बताया था। अब इस विवाद में पार्टी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने अपना बयान देते हुए प्रोटोकॉल के अनुरूप बताया। साथ ही कहा कि बदलाव होने पर ऐसा होता है जब परिस्थितियां बदलती है तो नेतृत्व बदलता है। पूनियां के बयान पर पलटवार करते हुए वसुंधरा राजे समर्थक मंच राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष व कर्मचारी नेता बृजमोहन शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे राजस्थान में भाजपा की एकमात्र सर्वमान्य नेता है। जो पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रदेश की जनता में भी समान रूप से लोकप्रिय है। उन्होंने भाजपा को राजस्थान में पूर्ण से प्रचण्ड बनाया है। राजे के नेतृत्व में ही पहली बार वर्ष 2003 में भाजपा ने पूर्ण बहुमत प्राप्त करते हुए 120 सीटें हांसिल की थी। वहीं वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भी उनका प्रचण्ड रूप पूरे देश ने देखा। जब राजस्थान में भाजपा की 163 सीटे आई थी एवं कांग्रेस मात्र 21 सीटों पर सीमिट गई थी। राजे ने ही वर्ष 2004 के आम चुनाव में 25 में से 23 लोकसभा सीट भाजपा को दी। वहीं वर्ष 2014 में भी नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने में राजस्थान से 25 की 25 सीटों का सहयोग दिया। प्रदेश में राजे के नेतृत्व बगैर भाजपा का राज्य सरकार बनाना असम्भव है। वर्तमान परिस्थितियों में उनके बगैर राजस्थान भाजपा की कल्पना नहीं की जा सकती। आज राजे के कद का कोई भी नेता राजस्थान में नहीं है जो भाजपा को पुन: प्रचण्ड बहुमत से सत्ता में वापसी करवा सकें।