March 20, 2026

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अलवर – नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता एवं उप सभापति घनश्याम गुर्जर हुए निलिंबित दो नगर परिषद पार्षदों को मिलेगा मौका…

अलवर( दीक्षित कुमार ) नगर परिषद सभापति बीना गुप्ता एवं उप सभापति घनश्याम गुर्जर को सोमवार को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। सभापति गुप्ता कांग्रेस नेता हैं वहीं उप सभापति गुर्जर भाजपा से पार्षद का चुनाव जीते थे। सभापति को पिछले माह 24 नवम्बर को ही एसीबी ने 80 हजार रुपए लेते हुए ट्रैप किए जाने पर निलम्बित किया है। वहीं उप सभापति को चुनाव नामांकन में गलत जानकारी देने के आरोप में निलम्बित किया है। जब तक न्यायिक जांच चलेगी तब तक के लिए सस्पेंड किया है।अब दो नए चेहरों को मौका अब अलवर नगर परिषद में सभापति व उप सभापति के पद पर सरकार दो नए चेहरों को मौका देगी। दोनों को सस्पेंड किया है। इस कारण न्यायिक जांच पूरी होने तक सरकार की ओर से सभापति व उप सभापति के पद पर दो पार्षदों को मौका मिलेगा।

सभापति के पद पर बीना गुप्ता को हटाया है। उनकी जगह कांग्रेस के सामान्य वर्ग के किसी पार्षद को मौका मिल सकता है। वहीं उप सभापति भी सरकार की ओर से लगाया जाएगा। हो सकता है कि उप सभापति के चुनाव में कांग्रेस के हारे प्रत्याशी को मौका मिल सकता है। सभापति के चक्कर में गिरी गाज सभापति के कारण उप सभापति पर गाज गिरी है। सभापति बीना गुप्ता भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं। नियमानुसार सभापति को सस्पेंड करने पर उप सभापति को ही सभापति का चार्ज देना होता है। लेकिन उप सभापति बीजेपी से है। इस कारण सरकार यह निर्णय नहीं कर सकी। उप सभापति के खिलाफ पहले से चुनाव नामांकन में जानकारी छुपाने को लेकर मामला न्यायिक विचाराधीन है। इस कारण सरकार को उप सभापति को भी निलम्बित करने का मौका मिल गया। ताकि दोनों पदों पर सरकार के समर्थित पार्षदों को मौका दिया जा सके।

पहली बार होगा ऐसा…
नगर परिषद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि सभापति भ्रष्टाचार के मामले में सस्पेंड हो गई। वहीं उपसभापति को नामांकन पत्र में गलत जानकारी देनेपर सस्पेंड किया है। दोनों के मामले में डीएलबी डायरेक्टर दीपक नंदी ने आदेश जारी कर दिए। इसके बाद नगर परिषद कार्यालय से सभापति व उप सभापति के नाम की पट्टी भी हटा दी हैं।

सभापति 80 हजार रुपए लेते ट्रैप हुई थी
एसीबी ने 24 नवंबर को उप सभापति बीना गुप्ता को 80 हजार रुपए लेते हुए ट्रैप किया था। उसके बाद से सभापति जेल में है। अब तक उनकी जमानत नहीं हुई है। डीएलबी के डायरेक्टर ने सभापति को सस्पेंड करने के पीछे दूसरा कारण यह भी बताया कि प सभापति ने कार्यवाहक नगर परिषद को एसीबी ने 24 नवंबर को उप सभापति बीना गुप्ता को 80 हजार रुपए लेते हुए ट्रैप किया था। उसके बाद से सभापति जेल में है। अब तक उनकी जमानत नहीं हुई है। डीएलबी के डायरेक्टर ने सभापति को सस्पेंड करने के पीछे दूसरा कारण यह भी बताया कि पहले सभापति ने कार्यवाहक नगर परिषद कमिश्नर से हाथापाई कर दी थी। उस मामले की जांच भी चल रही है। इस कारण जांच प्रभावित नहीं हो। उनको सस्पेंड किया गया है। उसके बाद सभापति को एसीबी ने ट्रैप किया। 24 नवम्बर से सभापति जेल में हैं। इन दोनों आधार पर सरकार ने सभापति को सस्पेंड कर दिया है।