ख़बराना। रवि कुमार सैनी
राज्य सरकार ने पिछले के बजट में शाहपुरा राजकीय अस्पताल को उपजिला अस्पताल में क्रमोन्नत कर दिया था। लेकिन सुविधाओं का विस्तार आज तक नहीं हो सका। इस विभिन्न उस समस्याओं को लेकर जय श्री राम सेवा समिति के अध्यक्ष राहुल बजाज ने अस्पताल प्रभारी डॉ हरीश मोहन को ज्ञापन सौंपा है। इमरजेंसी में लगे चिकित्सक की ड्यूटी समिति संयोजक रमेश कुमावत और मीडिया प्रभारी धर्मपाल यादव ने बताया कि अस्पताल को उपजिला अस्पताल
में क्रमोन्नत होने के 1 साल बाद भी इमरजेंसी में चिकित्सक की ड्यूटी ऑन कॉल लगाई जा रही है। जबकि इमरजेंसी में 24 घंटे में एक चिकित्सक मौजूद रहना चाहिए। घायलों के लिए हर सेकंड अनमोल है। उपजिला अस्पताल क्रमोन्नत के बाद शाहपुरा, विराटनगर, सीकर, कोटपूतली समेत अन्य जगह से भी मरीज उपजिला अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। कस्बे से गुजर रहे हाईवे पर रोज हो रही दुर्घटना में घायल उपजिला अस्पताल आते हैं। लेकिन मरीज आने के काफी देर बाद चिकित्सक अस्पताल पहुंचते हैं। जिससे व्यक्ति के लिए हर सेकंड अनमोल होती है। इस प्रकार अस्पताल में चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी तय ड्रेस कोड में नहीं आते हैं। ना ही गले में आईडी लगाकर रखते हैं। जिससे मरीजों को संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग कर्मी को पहचानने में दिक्कत आती है। जननी वार्ड में सुविधाओं का होगा विस्तार साथ ही अस्पताल के जननी वार्ड में इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। रात को ऑपरेशन के लिए सुविधा मौजूद नहीं है। राज्य सरकार के निर्देश के बावजूद चिकित्सक बाहरी दवाइयां लिख रही हैं। इसलिए चिकित्सकों पाबंद किया जाए। जिससे हर मरीज को अस्पताल की दवाई मिल सके। सुरक्षाकर्मियों की बढ़ती सुरक्षा चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मी की सुरक्षा को लेकर सुरक्षाकर्मियों गार्ड की संख्या बढ़ाई जाए। इमरजेंसी में डायल महिलाओं के प्लास्टर और इंजेक्शन लगाने के लिए महिला नर्सिंगकर्मी की ड्यूटी लगाई जाए। साथ ही बुजुर्ग लोग सीढ़ी नहीं चल पाते है इसलिए नेत्र चिकित्सा की सुविधा नीचे ही की जाए।
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