March 19, 2026

Khabrana.com

सच्ची बात, सच के साथ…

Khabrana Home » 21 वर्ष से फरार 15 हजार का ईनामी बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे।भेष बदलकर अलग-अलग शहरों में छिपता रहा बदमाश ।

21 वर्ष से फरार 15 हजार का ईनामी बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे।भेष बदलकर अलग-अलग शहरों में छिपता रहा बदमाश ।

एटा (यूपी) दीपक कौशिक :- जनपदीय स्वाट टीम द्वारा मुखबिर की सूचना प थाना जलेसर में वांछित चल रहे 15 हजार रुपए के इनामी बदमाश दीपक चतुर्वेदी पुत्र काविन्द्र नाथ उर्फ उपेन्द्र नाथ निवासी पूर्व पता जैन मन्दिर वाली गली कोतवाली हाथरस जिला हाथरस वर्तमान पता शुक्ला डेरी के सामने बुजुर्ग रोड डबरा थाना डबरा जनपद गवालियर जिला मध्य प्रदेश को रोडवेज बस स्टेण्ड हाथरस से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

घटना के दौरान आरोपी के सह अभियुक्त अभय चतुर्वेदी पुत्र फउन्द्रनाथ चतुर्वेदी निवासी डिफेन्स कालोनी थाना पडाव ग्वालियर मध्यप्रदेश, अकील पुत्र जमील,

मौ. सकील पुत्र सरीफ निवासी सराय किला देहली गेट जनपद अलीगढ़, गोपीचन्द्र पुत्र रौशनलाल निवासी जंगलगढी थाना देहली गेट जनपद अलीगढ, विजय अरोरा पुत्र मूलचन्द्र निवासी बिछुआ थाना व कस्वा हाथरस, ओमी पुत्र जानकी प्रसाद, संजू पुत्र जानकी प्रसाद निवासी जैन मंदिर वाली गली कस्वा व थाना हाथरस जो कि पूर्व में जेल जा चुके हैं, वर्तमान में जमानत पर हैं।


घटना के महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. अभियुक्त दीपक थाना जलेसर से चोरी के मामले में करीब 21 वर्षों से लगातार वांछित चल रहा था।
  2. अभियुक्त द्वारा दिनांक 19 दिसम्बर 2000 को 3 हजार किलोग्राम पीतल के बने हुये घुंघरु, घंटे तथा मन्दिर के अन्य सामान जो ट्रांसपोर्ट हेतु अग्रवाल धर्मशाला कस्वा जलेसर पर रखे जहाॅ यह देखभाल का कार्य करता था, इसी की शह पर सह अभियुक्तों द्वारा मिलकर चोरी की गयी थी।
  3. अभियुक्त द्वारा गिरोह बनाकर चोरी की घटना को अन्जाम दिया गया था, घटना में एक टाटा 407 (डीसीएम) प्रयुक्त की गई थी, जिस पर अभियुक्त दीपक चालक/क्लीनर का कार्य भी करता था।
  4. अभियुक्त दीपक पर दिनांक 21 अगस्त 2018 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा 15 हजार रूपये का पुरूस्कार घोषित किया गया था।
  5. अभियुक्त लगातार अलग-अलग जनपदों में हुलिया बदलकर पुलिस से 21 सालों तक पहचान छुपाकर बचता रहा।
  6. अभियुक्त द्वारा घटना को अन्जाम देने के उपरान्त ही जनपद हाथरस को छोड़ दिया गया था।
  7. स्वाॅट टीम एटा द्वारा मुखबिर की सूचना पर जब अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिये ग्वालियर में दबिश दी गई तो वहां पता चला कि दीपक कुछ देर पहले ही ग्वालियर से हाथरस अपने चाचा से मिलने गया है, स्वाॅट टीम द्वारा तत्काल वापस हाथरस आकर अभियुक्त को बस स्टैण्ड हाथरस से गिरफ्तार किया गया।